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Epilepsy treatment in Lucknow

Epilepsy Treatment in Lucknow

Epilepsy Treatment in Lucknow: Can Epilepsy Be Cured?

Epilepsy Treatment in Lucknow: मिर्गी का इलाज कैसे होता है?

बार-बार दौरे पड़ना, अचानक बेहोश हो जाना, शरीर में झटके आना या कुछ समय के लिए आसपास की बातों का पता न रहना मिर्गी यानी epilepsy के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में समय पर जांच और सही इलाज कराना बहुत जरूरी है।

सही Epilepsy Treatment in Lucknow की तलाश कर रहे मरीजों और उनके परिवारों को यह समझना चाहिए कि मिर्गी कोई जादू-टोना, भूत-प्रेत या छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह मस्तिष्क से जुड़ी एक neurological condition है, जिसका इलाज दवाओं, नियमित देखभाल और कुछ विशेष मामलों में सर्जरी या अन्य advanced treatments से किया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सही diagnosis और उचित treatment मिलने पर epilepsy से पीड़ित लगभग 70 प्रतिशत लोग दौरे से मुक्त रह सकते हैं। हालांकि, हर मरीज की स्थिति और treatment response अलग हो सकता है।

Epilepsy या मिर्गी क्या होती है?

Epilepsy, जिसे सामान्य भाषा में मिर्गी कहा जाता है, मस्तिष्क से जुड़ी एक बीमारी है। इसमें brain की electrical activity में अचानक असामान्य बदलाव होने के कारण मरीज को seizures यानी दौरे पड़ते हैं।

मिर्गी का दौरा केवल पूरे शरीर में झटके आने तक सीमित नहीं होता। कुछ मरीजों में दौरे के दौरान शरीर अकड़ जाता है, जबकि कुछ लोग कुछ सेकंड तक एक जगह देखते रहते हैं और आसपास की गतिविधियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते।

एक बार दौरा पड़ना हमेशा epilepsy होने का प्रमाण नहीं होता। तेज बुखार, blood sugar का बहुत कम होना, सिर में चोट, संक्रमण, नींद की कमी या दूसरी medical conditions से भी दौरा पड़ सकता है। इसलिए सही कारण जानने के लिए specialist evaluation जरूरी है।

मिर्गी के सामान्य लक्षण क्या हैं?

मिर्गी के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। इसके सामान्य संकेतों में शामिल हैं:

  • अचानक बेहोश होकर गिर जाना
  • पूरे शरीर में झटके आना
  • शरीर का अचानक अकड़ जाना
  • हाथ या पैर के किसी एक हिस्से में झटके
  • कुछ सेकंड तक एक ही जगह देखते रहना
  • बात करने पर प्रतिक्रिया न देना
  • अचानक भ्रमित हो जाना
  • आंखें ऊपर की तरफ चढ़ जाना
  • मुंह से झाग आना
  • दौरे के दौरान जीभ कट जाना
  • पेशाब निकल जाना
  • अचानक डर, अजीब गंध या असामान्य अनुभूति होना
  • दौरे के बाद बहुत ज्यादा नींद, थकान या confusion
  • कुछ समय के लिए याददाश्त कमजोर होना

हर मरीज में ये सभी लक्षण होना जरूरी नहीं है। कुछ प्रकार के seizures बहुत हल्के होते हैं और परिवार के लोग उन्हें सामान्य ध्यान भटकना समझ सकते हैं।

क्या मिर्गी पूरी तरह ठीक हो सकती है?

यह मरीजों और उनके परिवारों द्वारा सबसे अधिक पूछा जाने वाला सवाल है—क्या मिर्गी का इलाज संभव है?

बहुत से मरीज सही anti-seizure medicines लेने के बाद लंबे समय तक पूरी तरह seizure-free रह सकते हैं। कुछ बच्चों में पाए जाने वाले epilepsy के विशेष प्रकार उम्र बढ़ने के साथ समाप्त हो सकते हैं। वहीं, कुछ selected patients में epilepsy surgery से दौरे बंद हो सकते हैं या उनकी संख्या काफी कम हो सकती है।

हालांकि, हर मरीज के लिए “पूर्ण इलाज” या permanent cure की गारंटी नहीं दी जा सकती। परिणाम इन बातों पर निर्भर करता है:

  • मिर्गी का प्रकार
  • दौरे शुरू होने का कारण
  • मरीज की उम्र
  • EEG और MRI की रिपोर्ट
  • दवाओं के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया
  • दौरे कितने समय से आ रहे हैं
  • brain के किस हिस्से से दौरे शुरू हो रहे हैं
  • मरीज दवा नियमित ले रहा है या नहीं

International League Against Epilepsy के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में epilepsy को “resolved” माना जा सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि भविष्य में दौरा आने की संभावना बिल्कुल समाप्त हो गई है।

इसलिए सबसे सही बात यह है कि मिर्गी को ज्यादातर मरीजों में सही diagnosis और treatment से सफलतापूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है।

मिर्गी क्यों होती है?

कई मरीजों में मिर्गी का कोई स्पष्ट कारण नहीं मिल पाता। अन्य मामलों में इसके संभावित कारण हो सकते हैं:

  • जन्म के समय मस्तिष्क को पर्याप्त oxygen न मिलना
  • सिर में गंभीर चोट
  • Brain stroke
  • Brain tumour
  • मस्तिष्क का संक्रमण
  • Meningitis या encephalitis
  • Brain में structural abnormality
  • जन्मजात neurological condition
  • Genetic कारण
  • वृद्धावस्था में brain से जुड़ी बीमारी
  • Neurocysticercosis जैसे संक्रमण
  • पहले हुई brain surgery या injury

सही कारण जानने के लिए मरीज की medical history, दौरे का विवरण और neurological investigations का अध्ययन किया जाता है।    Epilepsy treatment in Lucknow

Epilepsy Treatment in Lucknow में कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं?

मिर्गी का treatment हर मरीज के लिए अलग होता है। डॉक्टर दौरे के प्रकार, उम्र, medical history, pregnancy-related considerations और जांच रिपोर्ट के आधार पर treatment plan बनाते हैं।

1. Anti-Seizure Medicines

मिर्गी का सबसे सामान्य इलाज anti-seizure medicines हैं। इन दवाओं का उद्देश्य brain की abnormal electrical activity को नियंत्रित करके दोबारा दौरा आने की संभावना कम करना होता है।

हर दवा हर प्रकार की epilepsy के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसलिए दवा का चयन qualified neurological specialist द्वारा किया जाना चाहिए।

मरीज को निम्न सावधानियां रखनी चाहिए:

  • दवा रोज एक ही समय पर लें
  • कोई dose भूलने से बचें
  • दवा अपने आप बंद न करें
  • दवा की मात्रा स्वयं कम या ज्यादा न करें
  • side effects होने पर डॉक्टर को बताएं
  • दूसरी medicines या supplements की जानकारी डॉक्टर को दें
  • pregnancy plan करने से पहले specialist से बात करें

मिर्गी की दवा अचानक बंद करने से गंभीर या लगातार दौरे पड़ सकते हैं। लंबे समय से दौरा न आने पर भी दवा बंद करने का निर्णय केवल treating doctor द्वारा किया जाना चाहिए।

2. Epilepsy Surgery

यदि दो सही और पर्याप्त anti-seizure medicines के बाद भी दौरे नियंत्रित नहीं होते, तो इसे drug-resistant epilepsy माना जा सकता है। ऐसे मरीजों को detailed epilepsy evaluation की जरूरत हो सकती है।

यदि जांच से पता चलता है कि दौरे brain के किसी निश्चित हिस्से से शुरू हो रहे हैं और उस हिस्से का इलाज सुरक्षित रूप से किया जा सकता है, तो epilepsy surgery पर विचार किया जा सकता है।

Surgery से पहले निम्न जांचों की जरूरत पड़ सकती है:

  • Video EEG monitoring
  • Epilepsy protocol MRI
  • Neuropsychological testing
  • Functional brain assessment
  • विशेष brain imaging tests

सर्जरी हर मरीज के लिए सही विकल्प नहीं होती। इसका निर्णय detailed evaluation के बाद specialist team द्वारा किया जाता है।

 

मिर्गी के मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

मिर्गी की दवा के साथ अच्छी lifestyle habits भी seizure control में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मरीज को चाहिए कि वह:

  • रोज पर्याप्त और नियमित नींद ले
  • दवा समय पर ले
  • alcohol और नशीले पदार्थों से बचे
  • लंबे समय तक भूखा न रहे
  • पर्याप्त पानी पिए
  • stress को manage करे
  • तेज बुखार का समय पर treatment कराए
  • seizure diary बनाए
  • दौरे की तारीख और अवधि नोट करे
  • दवा के side effects की जानकारी डॉक्टर को दे
  • नियमित follow-up कराता रहे

कुछ लोगों को flashing lights से दौरा trigger हो सकता है, लेकिन यह सभी epilepsy patients में नहीं होता।

मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करें?

दौरा देखकर घबराएं नहीं। मरीज को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है।

दौरे के दौरान ये कदम उठाएं:

  • दौरा शुरू होने का समय नोट करें
  • आसपास की नुकीली या खतरनाक चीजें हटा दें
  • मरीज के सिर के नीचे मुलायम कपड़ा रखें
  • गले के आसपास के तंग कपड़े ढीले करें
  • मरीज को जबरदस्ती पकड़कर न रोकें
  • झटके बंद होने के बाद मरीज को करवट पर लिटाएं
  • मरीज के पास तब तक रहें जब तक वह पूरी तरह होश में न आ जाए

ये गलतियां बिल्कुल न करें:

  • मुंह में चम्मच न डालें
  • मुंह में उंगली न डालें
  • मरीज के दांत खोलने की कोशिश न करें
  • दौरे के दौरान पानी न पिलाएं
  • तुरंत कोई tablet मुंह में न डालें
  • मरीज को थप्पड़ न मारें
  • जूता या प्याज न सुंघाएं
  • भीड़ इकट्ठी न करें

मिर्गी के दौरे में मरीज अपनी जीभ निगल नहीं सकता। मुंह में कोई वस्तु डालने से दांत टूट सकते हैं, जबड़े को चोट लग सकती है या मरीज का दम घुट सकता है।

मिर्गी का दौरा कब emergency है?

तुरंत emergency medical help लें यदि:

  • दौरा पांच मिनट या उससे अधिक चले
  • एक दौरे के तुरंत बाद दूसरा दौरा शुरू हो जाए
  • मरीज को दौरे के बीच होश न आए
  • यह मरीज का पहला दौरा हो
  • मरीज को सांस लेने में परेशानी हो
  • दौरे में गंभीर चोट लग गई हो
  • दौरा पानी में आया हो
  • मरीज गर्भवती हो
  • मरीज को diabetes जैसी गंभीर बीमारी हो
  • दौरे के बाद मरीज सामान्य स्थिति में वापस न आए

Epilepsy Treatment in Lucknow at Imperia Hospital

यदि आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को बार-बार दौरे, शरीर में झटके, अचानक बेहोशी, staring episodes या unexplained loss of consciousness की समस्या है, तो समय पर neurological consultation कराएं।

Imperia Neuro Sciences & Multispeciality Hospital, Lucknow में मरीज की condition के अनुसार neurological evaluation और personalised treatment planning की जाती है।

मरीज की आवश्यकता के अनुसार evaluation में शामिल हो सकते हैं:

  • Detailed neurological consultation
  • Epilepsy और seizure assessment
  • EEG evaluation
  • MRI एवं brain imaging review
  • Anti-seizure medicine management
  • Uncontrolled seizures का assessment
  • Drug-resistant epilepsy evaluation
  • Advanced neurological treatment guidance
  • नियमित follow-up और lifestyle counselling

यदि आप Indira Nagar, Gomti Nagar, Aliganj, Mahanagar, Chinhat, Hazratganj या Lucknow के आसपास के क्षेत्र में मिर्गी का इलाज खोज रहे हैं, तो specialist consultation के लिए अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं।

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